बिहार सरकार द्वारा बेटियों के स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना (सम्पूर्ण टीकाकरण) चलाई जा रही है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य की प्रत्येक बालिका को जन्म से लेकर 2 वर्ष की आयु तक सभी आवश्यक टीके समय पर लगें। टीकाकरण पूरा होने पर सरकार की ओर से ₹2000 की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है।
यह योजना स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत संचालित होती है और राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी जाती है।योजना का उद्देश्य क्या है?
इस योजना का उद्देश्य है:
- बालिकाओं का समय पर पूर्ण टीकाकरण सुनिश्चित करना
- शिशु मृत्यु दर को कम करना
- परिवारों को जागरूक करना कि टीकाकरण स्वास्थ्य के लिए कितना जरूरी है
- बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना
कितनी राशि मिलती है?
- बालिका के 0 से 2 वर्ष तक सभी निर्धारित टीके लग जाने पर
- माता-पिता या अभिभावक को ₹2000 की प्रोत्साहन राशि दी जाती है
- यह राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है
कौन ले सकता है योजना का लाभ?
योजना का लाभ लेने के लिए निम्न शर्तें पूरी करनी होंगी:
- परिवार बिहार राज्य का निवासी हो
- बालिका का सम्पूर्ण टीकाकरण 2 वर्ष की आयु तक पूरा हो
- आवेदन बालिका की 3 वर्ष की आयु से पहले किया जाए
- योजना प्रथम और द्वितीय कन्या शिशु के लिए लागू है
आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज
आवेदन करते समय निम्न दस्तावेज साथ रखें:
- बालिका का जन्म प्रमाण पत्र
- टीकाकरण कार्ड (Immunization Card)
- माता या पिता का आधार कार्ड
- बैंक खाता पासबुक
- मोबाइल नंबर
आवेदन कैसे करें?
इस योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया ऑफलाइन है। लाभ प्राप्त करने के लिए आप:
- अपने नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र से संपर्क करें
- सरकारी अस्पताल में जानकारी लें
- ANM या आशा कार्यकर्ता से सहायता प्राप्त करें
स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी जानकारी के लिए 104 (टोल फ्री) पर कॉल किया जा सकता है।
नि:शुल्क एम्बुलेंस सेवा के लिए 102 डायल करें।
पैसा कब और कैसे मिलेगा?
टीकाकरण पूरा होने और दस्तावेज सत्यापन के बाद ₹2000 की राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में DBT के माध्यम से भेज दी जाती है। इसलिए यह जरूरी है कि बैंक खाता आधार से लिंक हो।
महत्वपूर्ण सलाह
- टीकाकरण कार्ड को सुरक्षित रखें
- सभी टीके समय पर लगवाएं
- आवेदन से पहले दस्तावेजों की जांच कर लें
- केवल सरकारी केंद्रों से ही प्रक्रिया पूरी करें