बिहार के किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य में रबी फसलों को प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान की भरपाई के लिए कृषि विभाग जल्द ही कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत किसानों के बैंक खातों में सहायता राशि भेजने जा रहा है। विभागीय जानकारी के अनुसार लगभग 2 लाख से अधिक पात्र किसानों को डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से अनुदान राशि का भुगतान किया जाएगा।
इस लेख में जानिए किन किसानों को लाभ मिलेगा, कितनी राशि दी जाएगी, किन जिलों के किसानों को भुगतान होगा और आवेदन की जांच किस प्रकार की जाती है।

क्या है कृषि इनपुट अनुदान योजना?
बिहार सरकार द्वारा चलाई जा रही कृषि इनपुट अनुदान योजना का उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं जैसे आंधी, तूफान, ओलावृष्टि और भारी बारिश से प्रभावित किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है। इस योजना के तहत फसल क्षति होने पर किसानों को अनुदान राशि दी जाती है ताकि वे दोबारा खेती कर सकें।
13 जिलों में हुई थी फसल क्षति
मार्च 2026 के तीसरे और चौथे सप्ताह में बिहार के कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के कारण गेहूं, चना, मसूर, मक्का, फल एवं सब्जियों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा था। इसके बाद प्रभावित किसानों से कृषि इनपुट अनुदान के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे।
कितने किसानों को मिलेगा लाभ?
कृषि विभाग को कुल 4 लाख 85 हजार आवेदन प्राप्त हुए थे। हालांकि सभी आवेदकों को योजना का लाभ नहीं मिलेगा। विभाग द्वारा आवेदन पत्रों की विस्तृत जांच की गई है, जिसके बाद लगभग 2 लाख 7 हजार किसानों को पात्र पाया गया है। इन्हीं किसानों के खातों में जल्द ही अनुदान राशि भेजी जाएगी।
कितनी मिलेगी अनुदान राशि?
फसल नुकसान की स्थिति के अनुसार किसानों को निम्नलिखित दरों से सहायता राशि प्रदान की जाएगी:
- असिंचित भूमि में फसल क्षति होने पर: ₹8,500 प्रति हेक्टेयर
- सिंचित भूमि में फसल क्षति होने पर: ₹17,000 प्रति हेक्टेयर
- बहुवर्षीय फसलों (जैसे गन्ना) के नुकसान पर: ₹22,500 प्रति हेक्टेयर
सरकार द्वारा अधिकतम 2 हेक्टेयर भूमि तक के नुकसान पर ही अनुदान देने का प्रावधान है।
इन 13 जिलों के किसानों को मिलेगा लाभ
इस योजना के लिए निम्नलिखित जिलों के किसानों से आवेदन लिए गए थे:
- सहरसा
- समस्तीपुर
- मुजफ्फरपुर
- अररिया
- बेगूसराय
- मधुबनी
- पूर्णिया
- खगड़िया
- किशनगंज
- मधेपुरा
- दरभंगा
- सुपौल
- भागलपुर
4 चरणों में हुई आवेदनों की जांच
कृषि इनपुट अनुदान के आवेदनों की जांच चार अलग-अलग स्तरों पर की गई:
1. कृषि समन्वयक स्तर
- लगभग 72 हजार आवेदन अस्वीकृत किए गए।
2. अनुमंडल कृषि पदाधिकारी स्तर
- करीब 3 लाख आवेदन स्वीकृत हुए।
- लगभग 37 हजार आवेदन जांच के लिए लंबित रहे।
3. जिला कृषि पदाधिकारी स्तर
- लगभग 2 लाख 84 हजार आवेदन स्वीकृत किए गए।
- करीब 24 हजार आवेदन लंबित रहे।
4. एडीएम स्तर (अंतिम स्वीकृति)
- कुल 2 लाख 7 हजार किसानों के आवेदन को अंतिम मंजूरी प्रदान की गई।
भुगतान कैसे मिलेगा?
सभी पात्र किसानों को अनुदान राशि सीधे उनके बैंक खाते में DBT के माध्यम से भेजी जाएगी। इसके लिए किसानों का बैंक खाता आधार से लिंक होना आवश्यक है।
भुगतान स्टेटस कैसे चेक करें?
किसान कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने आवेदन संख्या या पंजीकरण विवरण के माध्यम से भुगतान की स्थिति की जांच कर सकते हैं। भुगतान जारी होने के बाद स्टेटस पोर्टल पर अपडेट कर दिया जाएगा।
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महत्वपूर्ण प्रश्न (FAQ)
कृषि इनपुट अनुदान का लाभ किन किसानों को मिलेगा?
केवल वे किसान जिनके आवेदन सत्यापन के बाद पात्र पाए गए हैं, उन्हें योजना का लाभ मिलेगा।
कितने किसानों को भुगतान किया जाएगा?
विभागीय जानकारी के अनुसार लगभग 2 लाख 7 हजार किसानों को अनुदान राशि मिलेगी।
भुगतान किस माध्यम से किया जाएगा?
राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी।
अगर भुगतान नहीं मिले तो क्या करें?
किसान अपने जिले के कृषि विभाग कार्यालय या संबंधित हेल्पलाइन से संपर्क कर सकते हैं और आवेदन की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को आर्थिक सहायता देकर उनकी खेती को पुनः पटरी पर लाना इस योजना का मुख्य उद्देश्य है।